PWD में ऑनलाइन ट्रांसफर-पोस्टिंग सिस्टम की तैयारी, अभियंताओं के तबादलों में बढ़ेगी पारदर्शिता

PWD में ऑनलाइन ट्रांसफर-पोस्टिंग सिस्टम की तैयारी, अभियंताओं के तबादलों में बढ़ेगी पारदर्शिता

Preparations underway for an online transfer and posting system

Preparations underway for an online transfer and posting system

नई दिल्ली। Preparations underway for an online transfer and posting system, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में कार्यरत अभियंताओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। विभाग में तबादलों और नियुक्तियों के दौरान होने वाली सिफारिशों का झंझट अब पूरी तरह से समाप्त होने जा रहा है। इसे पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए विभाग अब ऑनलाइन तबादला, नियुक्त (ओटीपी) प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

तबादला और नियुक्ति में सिफारिश का झंझट होगा खत्म

इस व्यवस्था के लागू होने से अधिकारियों के तबादलों को लेकर लगने वाले मनमाने प्रयासों पर अंकुश लगेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया की शुरुआत सबसे पहले अधिशासी अभियंताओं की सूची जारी करके की जाएगी।

इस नई व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों के बीच कार्य संतुष्टि को बढ़ाना और विभाग के प्रदर्शन में सुधार लाना है। कुछ समय पूर्व केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने दिल्ली लोक निर्माण विभाग से यहां कार्यरत अभियंताओं के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी थी, जिसे विभाग द्वारा उपलब्ध करा दिया गया है।

PWD में कितने अभियंता हैं कार्यरत?

गौरतलब है कि वर्तमान में दिल्ली में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 1200 से अधिक अभियंता अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से कई अभियंताओं की हमेशा से यह कोशिश रहती है कि वे किसी भी तरह अपनी पोस्टिंग दिल्ली में ही बनाए रखें। इसके लिए वे अक्सर उच्च अधिकारियों और राजनेताओं तक अपनी पहुंच का इस्तेमाल करते हुए सिफारिशें लगवाते हैं।

पिछले साल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस समस्या से इतना परेशान हो गए थे कि उन्होंने यह आदेश भी जारी कर दिया था कि किसी भी अभियंता ने सिफारिश कराई जो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि दिल्ली लोक निर्माण विभाग में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के अभियंता ही कार्यरत हैं। व्यवस्था के अनुसार दिल्ली स्टेशन पर अभियंता एक बार में छह साल तक रह सकता है, यह केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और दिल्ली लोक निर्माण विभाग को मिलाकर है।

मगर यदि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग में दूसरे राज्यों में अपना समय पूरा कर लेने वालों की दिल्ली आने की सूची बनती है तो उस हिसाब से दिल्ली से भी दूसरे राज्यों में भी उतने ही अभियंता भेजे जाने का प्रविधान है। ऐसे में अक्सर कई बार छह साल पूरा करने से पहले भी अभियंताओं का तबादला हो जाता है।